Existential Pain Shayari

1. हम वो तस्वीर हैं, जिसे दीवार से उतारकर, किसी ने फेंक दिया, और अब हम खुद को जोड़ नहीं पा रहे।

2. जब जीना ही दर्द हो जाए, तो मौत भी कोई हल नहीं होती, बस एक और सवाल हो जाती है।

3. हम वो सवाल हैं, जिसका जवाब, खुद खुदा के पास भी नहीं है।

4. ज़िंदगी से शिकायत नहीं, बस इतना बताना चाहता हूँ, कि तुमने हमें जीना नहीं, सहना सिखाया है।

5. हम वो मुकाम हैं, जहाँ से ना तो आगे का रास्ता दिखता है, ना पीछे का।

6. काश कोई पूछ ले, “क्या हाल है?” तो हम सच बता दें, बस झूठ बोलने की ताकत नहीं रही।

7. हम वो घाव हैं, जो भरने का नाम नहीं लेते, बस हर दिन ताज़ा हो जाते हैं।

8. अब तो ये दिल भी, दर्द महसूस नहीं करता, बस उसी तरह धड़कता है, जैसे कोई मशीन।

9. हम वो लफ्ज़ हैं, जिसे कोई पढ़ना नहीं चाहता, बस किताबों में दबे रह जाते हैं।

10. अब तो आदत सी हो गई है, इस खालीपन के साथ जीने की, पता नहीं कब तक, ये दिल साथ देगा।


