Best Attitude Shayari in Hindi | हिंदी में सर्वश्रेष्ठ एटीट्यूड शायरी

Attitude Shayari

1. तुम्हारे जाने के बाद हवा भी रुक सी गई है, सांस लेता हूँ तो लगता है तुम्हारी यादों का जहर पी रहा हूँ।

2. कमरे की चुप्पी अब मुझसे बातें करती है, रात भर बताती है तुम्हारे साथ बिताए वो लम्हे जो अब सिर्फ़ सजा हैं।

3. हम वो किताब हैं जिसका अंतिम पन्ना तुमने बिना पढ़े ही मोड़ दिया, अब कोई कहानी नहीं बस एक अधूरा सवाल है।

4. दिमाग में चलता है एक ऐसा सर्कस जहाँ हर करतब दर्द का है, और ताली बजाते हैं मेरे ही टूटे हुए सपने।

5. हम वो पागल हैं जो रोज़ अपने दर्द से नयी कहानियाँ गढ़ते हैं, क्योंकि सच तो हमसे भी ज्यादा दर्दनाक है।

6. डॉक्टर ने कहा “ये डिप्रेशन है”, मैं हँस पड़ा – “नहीं साहब, ये तो मेरी ज़िंदगी का सार है।”

7. खुदकुशी का ख्याल अब डराता नहीं, दोस्त बन गया है जो हर रात आकर पूछता है – “आज चलोगे मेरे साथ?”

8. फाँसी का फंदा मुझसे दोस्ती करना चाहता है, कहता है – “तुम्हारे गले से ज्यादा तुम्हारे दर्द के लायक हूँ मैं।”

9. मौत से मैंने पूछा “तू इतनी खूबसूरत क्यों है?” उसने कहा – “क्योंकि मैं वो देती हूँ जो ज़िंदगी ने तुझसे छीन लिया – शांति।”

10. हम वो साये हैं जिन्हें धूप में भी अपना अस्तित्व साबित करना पड़ता है, फिर भी लोग कहते हैं – “अरे ये तो बस भ्रम है!”

11. ज़िंदगी एक ऐसा मजाक है जिसका पंचलाइन समझने से पहले ही हमें हँसना पड़ता है, वरना रोने पर मार पड़ेगी।

12. भगवान से पूछा “मेरी किस्मत में दर्द ही क्यों लिखा?” उसने कहा – “क्योंकि तू ही था जिसने मेरी कलम पकड़ी थी।”

13. दिल नहीं दिमाग नहीं अब तो हड्डियाँ भी तेरे नाम से कराहती हैं, शायद मौत ही आखिरी दर्द निवारक होगी।

14. आँखों ने तो रोना छोड़ दिया अब दर्द बहता है नसों के रास्ते, हर धड़कन के साथ जहर घुलता जाता है।

15. हम वो जख्म हैं जो भरने के बजाय हर दिन गहरे होते जाते हैं, डॉक्टर हैरान हैं – “ये तो मरने का भी तरीका नहीं जानता।”

16. अब तो वक्त भी मुझसे दूर भागता है, शायद डर गया है कि कहीं मेरा दर्द उसे भी न लग जाए।

17. हम वो मोमबत्ती हैं जिसे जलाने वाले ने खुद ही बुझा दिया, अब धुआँ भी नहीं उठता बस बाती सिसकती रहती है।

18. कब्रिस्तान का सन्नाटा मुझसे फुसफुसाया – “अभी तेरी बारी नहीं है, पर तू तो पहले से ही अंदर से मर चुका है न?”

19. मौत अब शर्मिंदा है मुझसे मिलने में, कहती है – “तुझे ले जाने के लिए मुझमें इतना दर्द नहीं है जितना तू झेल चुका है।”

20. आखिरी शायरी लिखने बैठा हूँ तो कलम रो पड़ी, कहने लगी – “इतना दर्द तो कागज़ भी नहीं सह पाएगा।”

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